Wednesday, 21 November 2018

2018 में इंसान और इंसानियत किस मोड़ पर आ कर खड़ी हो गयी है, देखे इन तस्वीरों में

2018 में इंसान और इंसानियत किस मोड़ पर आ कर खड़ी हो गयी है, देखे इन तस्वीरों में







नमस्कार दोस्तों आप सभी का एक बार फिर से मेरे लेख में स्वागत है, दोस्तों जैसी की आप जानते ही है की जैसे जैसे समय आगे जा रहा है दुनिया वैसे वैसे ही बद से बदतर होती जा रही है और आखिर ऐसा क्यों हो रहा है आप सभी ये जानते ही है. इसमें कोई भी कसूर किसी और का नहीं है ये हम इंसानो का ही कसूर है. तो दोस्तों आज में आप सभी के सामने कुछ ऐसी ही तस्वीरें ले कर आया हुं जो तस्वीर आज के समय की है और आप सभी को उन्हें देखकर सच में बड़ा ही दुःख होगा पर सीख भी ज़रूर मिलेगी
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दोस्तों हम लोगों के पास आज के समय में  कुछ भी करने की छूट है हम जो भी करना चाहते है हम लोग कर सकते है. लेकिन असल में हम लोग जो करते है वो तो आप जानते ही है, हम लोग अपने ही फोन में घुसे रहते है फिर चाहे सारी दुनिया हमारे आगे ही क्यों हो. पर उस दुनिया में जाने के स्थान पर हम लोग उल्टा ही काम करते है. और दोस्तों ऐसा होता ही रहता है और आप जानते ही है की में झूठ नहीं बोल रहा हुं
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आज के समय में जब भी हम किसी के साथ मिलते है या कुछ भी है थोड़ी सी इंटरेक्शन होने के बाद हम उसे भाई या यार या दोस्त बोलने लग जाते है पर बाद में वही इंसान जो है वो हमारी पीठ में तीर मार देता है. और ये असलियत है आज के समय में ऐसा कोई भी नहीं है जो की किसी के लिए खड़ा हो सकता हो. बहुत से ऐसे दोस्त होते है जो की मौके की ताक में रहते है की जैसे ही मौका मिलेगा इसकी पीठ में छुरा घोप देंगे. नहीं तो पहले तो जान भी दे दिया करते थे दोस्ती के लिए
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आजकल हम सभी अपने घर में सुबह ही न्यूज़ चैनेल लगा कर बैठ जाते है और ख़बरे देखना शुरू कर देते है. पर खबरों वाले भी अपने मतलब की खबर हमें दिखाते है की हमारे मतलब की. अापने बहुत बार देखा होगा की देश में काफी कुछ हो रहा होता है पर फिर वो उस खबर को ना दिखा कर उस खबर को दिन भर चला कर रखते है जिससे की उन्हें टी आर पी मिलती है. और बस ऐसा ही हो रहा है आज के समय में
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आजकल बहुत से लड़के ऐसे है जो सिगरेट पीते है, वैसे हुं में भी लड़का पर आज तक हाथ नहीं लगाया ऐसे किसी भी नशे को. और जो पीते है वो ऐसे सोचते है की जैसे वो स्टाइल मार रहे है. पर असलियत तो कुछ और ही होती है, हम सोचते है की हम सिगरेट पी रहे है पर असल में जो सिगरेट होती है वो हमें पी रही होती है. और एक समय जिंदगी में ऐसा जाता है की सिगरेट हमारी जान लेने पर उतारू हो जाती है. आज के समय में तो छोटे छोटे बच्चे भी सिगरेट पी रहे है हद है यार
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दुनिया में इंसान की संतुष्टि कभी भी नहीं होती है, जैसे की आप तस्वीर में देख रहे है की एक पति चाहता है की उसकी पत्नी हीरोइन जैसी हो और वो टीवी पर वैसी ही लड़की देख रहा है. और दूसरे की पत्नी जो है वो पहले ही हीरोइन जैसी है और वो सोच रहा है की उसकी पत्नी जो है वो बहुत अच्छा खाना बनाती हो. तो दोस्तों इससे आप सभी भी समझ रहे होंगे की आज के समय में इच्छा किसी की भी खत्म नहीं होती है. आपके पास कार जाए या जहाज़ हमारी इच्छा और ज्यादा और ज्यादा बस यही रट लगाए रखती है
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आजकल दोस्तों फेसबुक और सोशल मीडिया साइट्स का एक नशा सा हो गया है. हर कोई पूरा दिन इन साइटस में घुसा रहता है. अभी आप बोल रहे होंगे की तू भी ऐसा ही होगा तू कौन सा बड़ा संत है. तो दोस्तों में आप सभी को बताना चाहता हुं की मेरा भी हाल ऐसा ही था पर आज से करीब तीन साल पहले ही मैंने ये सभी कुछ छोड़ दिया था. और अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना शुरू कर दिया था. और मुझे पता चल चुका है की इनमें खोये रहने का कोई फायदा भी नहीं है
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ये पुआइंट जो है वो तो सबसे ज्यादा ज़रूरी है, जैसे की आप जानते ही है की इंसान आज के समय में आप कोई भी ले लो और उसे कहो की सामने जो खड़ा है इससे लड़ाई करनी है वो भी जीभ से तो वो करने लग जाता है. और इसका सीधा अर्थ होता है की इंसान का जो दिमाग है वो तो काम नहीं करता है पर जीभ में बहुत ज़ोर होता है. उसके साथ तो वो किसी से भी लड़ाई करने में सक्षम हो जाता है. और आज के समय में ज्यादातर इंसान आपको ऐसे ही देखने को मिलेंगे
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हम लोग क्या करते है की फोन में घुसे रहना ही पसंद करते है पर हम लोग ये नहीं जानते है की जो ताला हमारे दिमाग में लगा हुंआ है वो ऐसे नहीं खुलने वाला है और इसे खोलने के लिए सबसे पहले तो हम लोगों को अपने दिमाग के ताले को तेल देना पड़ेगा और इस काम को किताबें करती है. और किताबों का मतलब ये नहीं होता है की अपने जर्नल नॉलेज की किताब उठा ली और पढ़ना शुरू कर दिया. आपको ऐसी किताबें पढ़नी है जिनसे आपको सीख मिले तो जा कर हमारे दिमाग पर लगा ताल खुल पायेंगे.

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