Monday, 1 October 2018

आँखें खोलती इन तस्वीरों को देखकर आपकी भी आँखों में आँसू आ जायेंगे, देखे तस्वीरें

नमस्कार दोस्तों, दोस्तों आप सभी का एक बार फिर से मेरे लेख में स्वागत है. दोस्तों जैसे के में भी जानता हुं की आज जो में आर्टिकल लिखने वाला हुं आज से पहले कभी भी ऐसा आर्टिकल नहीं लिखा है. और पता नहीं आप लोगो को ये पसंद आएगा की नहीं पर मेने सोचा की अगर एक आदमी भी मेरा ये आर्टिकल ध्यान से पढ़ेगा तो उसकी जिंदगी बहुत बदल जाएगी. चलिए दोस्तों तो शुरू करते है.

दोस्तों अक्सर हम अपने पिता के पास जाते है और कहते है पिता जी हमें ये चाहिए हमें वो चाहिए , हमें बाइक ले कर दो. पर हम कभी भी नहीं सोचते है की पता के ऊपर इस सभी कुछ का असर क्या पड़ता है .

सही बात है दोस्तों अगर माता जी कही गए हो और हम जब घर आयें और माता जी न दिखे तो घर खाली खाली लगता है और ऐसा लगता है जैसे की घर खाली है.

जब हम छोटे होते है तो माँ बाप क्या क्या नहीं करते है हमारे लिए, दिन रात एक कर देते है हमारे लिए और जो भी जैसा भी घर उनके पास होता है हम उसमे महाराजा की तरह रहते है. पर जब हम बड़े हो जाते है और हम अपना घर बना लेते है तो अपने माँ बाप को ही भूल जाते है की उन्होंने हमारे लिए कितना कुछ किया है.

जब में कॉलेज में गया और रूम में रहना शुरू किया तब सुबह 9 बजे भी कॉलेज जाना होता था तो सुबह जल्दी उठना पड़ता था और फिर उठ कर खाना बनना पड़ता था और कोई भी दिन ऐसा नहीं होता था जब में ये कह कर न खाऊ की भूख नहीं है. और घर में तो 36 नखरे होते थे उस दिन पता चला की दुनिया क्या है.

जब माँ बाप बूढ़े होने लगते है तो औलादे अक्सर उन्हें उल्टा सीधा सुनाने लग जाती है, अापने भी ज़रूर कही न कही ऐसा देखा होगा कई लोगो ने तो अपने घर पर भी देखा होगा की उनके माँ बाप उनके दादा दादी के साथ कैसा सलूक करते है.

जब बच्चे बड़े होने लगते है तो माँ बाप के ऊपर ही गुस्सा करना शुरू कर देते है जिन्होंने उन्हें अच्छे बुरे का पाठ पढ़ाया होता है और जिन्होंने उन्हें बोलना और चलना सिखाया होता है उन्हें हम लोग गलत बोलना शुरू कर देते है.

अक्सर घर के मुखिया घर में देरी से आते है क्योंकि काम में व्यस्त होते है जिस कारण से उन्हें ठंडी रोटी खानी पड़ती है. पर आप लोगो को गर्म रोटी खाने को मिले इसलिए रोटी जल्दी बना दी जाती है.

सही कहा, जब हम छोटे होते है तो हमें कोई भी चिंता नहीं होती है कोई भी प्रॉब्लम हो माँ एक सेकंड में ठीक कर देती हैं. और आज देखो जब बड़े हो गए तो कितने बदल गए दिन में एक बार फोन कर के भी नहीं पूछते है की माँ कैसे हो आप.

बहुत से लोग ऐसे परिवार से है जहाँ पर भर पेट खाना भी नहीं होता है, आज हम लोग तो फिर भी ठीक है पर हमारे दादा पडदादा के समय में घर के सदस्यों को खाने के लिए अच्छे से खाना भी नहीं जुड़ता था.

हम लोग अक्सर माँ को भूल जाते है, और खास कर शादी हो जाने के बाद जब भी लड़के की शादी हो जाती है तो लड़के की माँ का नाम माँ से बदल कर बुढ़िया हो जाता है और सास का नाम माँ हो जाता है. लड़की आते ही बेटा कितना बदल जाता है.

जब हम कही होस्टल में रहते है तो पता चलता है की एक रोटी का मतलब एक ही रोटी होता है, नहीं तो घर पर तो अगर हमें भूख एक रोटी की है तो भी ज़बरदस्त तीन चार रोटियाँ खिला दे जाती है.

सभी घरों में पिता से हर कोई डरता है पर पिता हमारे दुश्मन नहीं होते है वो तो हमारे अच्छे के लिए ही सोचते है जब भी पिता से हमें किसी कारण से मार पड़ती है तो उस मार के बाद हमारा जीवन उतना ही ज्यादा सुधरता जाता है. 

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