Friday, 28 September 2018

देखे एक आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी की ये 10 छोटी-छोटी चीज़े जो सबसे ज्यादा दुःख देती है

नमस्कार दोस्तों आप सभी का एक बार फिर से मेरे लेख में स्वागत है, दोस्तों जैसे की आप सभी तो जानते ही है की एक आम आदमी का जीवन कठिनाइयों से भरा होता है. एक आदमी को बस की टिकट और नल से पानी भरने के लिए भी कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है ये तो एक आम आदमी ही जनता है. तो आज हम आपके सामने आम आदमी की 10 ऐसी प्रॉबलम्स्ल ले कर आयें है जो की बहुत ही ज्यादा दुःख देती है.

जब भी हम कोई नया कपड़ा लेते है तो उसमे ऐसे एक लेवल लगा हुंआ होता है और जब हम उस लेवल को निकालते है तो वो आराम से निकल जाता है पर अगर बाई चांस थोड़ा सा लेवल बच जाए तो उसे निकालने में कितना ज्यादा समय जाता है ये तो हम जैसे आम आदमी ही जानते है.

जब भी हम खाना खाने बैठते है और हमारा चमच ऐसे गिर जाए तो जो तकलीफ़ होती है उसे तो में आप लोगो को व्यान भी नहीं कर सकता हुं. उस समय तो लगता है जैसे की पता नहीं मेरे साथ कितना बड़ा धोखा हो गया है.

बहुत बार ऐसा होता है की हम हाथ धोने जाते है और देखते है की जो पानी है वो वाशबेसिन के बिलकुल साथ में गिर रहा है और फिर हाथ धोने में कितनी ज्यादा तकलीफ़ होती है इसे तो बस एक आम आदमी ही जानता है.

अगर आम आदमी कभी बीमार हो जाए तो उसे डॉक्टर दवाई लिख देता है फिर जब हम मेडिकल स्ट्रोरे से दवाई ले कर घर पहुंचते है तो फिर जा कर पता चलता है की खोदा पहाड़ और निकला चूहा.

अब इससे ज्यादा खराब किस्मत और क्या होगी आप खुद ही मुझे बताओ, एक आम आदमी को इस समय कितनी ज्यादा तकलीफ़ होती है की आगे पीछे सभी का नंबर आ जाता है और हमारा नहीं आता है इस तकलीफ़ को तो कोई आम आदमी ही जान सकता है.

कभी कभी हम लैपटॉप खोलते है और हमारा सारा का सारा डेस्कटॉप जो है वो घिरा हुंआ ही होता है और पता ही नहीं चलता है की आखिर कौन सी चीज़ कहा पर पड़ी है फिर उस समय तो इतना गुस्सा आता है की में आपको क्या बताऊ.

सबसे ज्यादा तकलीफ़ तो इसी में होती है यार, जब हम कोई दवाई खा रहे होते है और पिछले पत्ते में एक दवाई रह जाये और हम अगले पत्ते को शुरू कर दे और फिर हमें पता चले की पिछले पत्ते में एक गोली रह गयी है तो उस समय सच में बहुत ही ज्यादा दुःख होता है, वैसे ये बात ज्यादा दुःख देनी वाली नहीं होती है पर फिर भी पता नहीं क्यों हमें इतना दुःख क्यों होता है.

ये वाला तो मेरा फेवरिट है, कभी कभी हमारा दोस्तों कुछ भेज देता है हमें मैसेज में और हमें पता होता है दोस्तों का की वो कभी कुछ अच्छा तो भेजने वाला है ही नहीं तो इसलिए हम हेडफ़ोन ढूढ़ते है और उसमे गाठ पड़ी होती है उस समय कितना गुस्सा आता है में आपको क्या बताऊ.

केक आर्डर करते है और केक के ऊपर कोई न कोई डिज़ाइन भी होता ही है पर जब केक हमारे घर आता है तो पता चलता है की जो भी डिज़ाइन बनाया था वो सारा का सारा खराब हो चुका है.

कभी कभी हमारा मन करता है की हम आइसक्रीम खाये और हम ले लेते है जैसे तैसे कर के. पर जब हम खोल के देखते है तो पता चलता है की उसमे तो डंडी ही अंदर चली गयी है उस समय क्या फीलिंग आती है आप खुद ही बताये. 

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