Monday, 24 September 2018

दिखावे की जिंदगी और पैसे कमाने का लालच, देखे कलयुग में खत्म होती इंसानियत की तस्वीरें

नमस्कार दोस्तों आप सभी का एक बार फिर से मेरे लेख में स्वागत है दोस्तों जैसे की आप सभी तो जानते ही है की आजकल जमाना कैसा हो गया है. जैसे की आप लोगो को पता है की 2018 में हमारी जिंदगी कैसी हो गयी है. और जिस कारण से आज हर एक इंसान के अंदर की इंसान खत्म हो चुकी है और इंसान कितना बदल चुका है आईये दिखाते है आपको इन तस्वीरों में.

देखिये दोस्तों प्रकृति हमारे लिए ही है और हमारी ज़रूरते पूरी करने के लिए है, पर जब हम अपनी ज़रूरत से ज्यादा प्रकृति से लेने की कोशिश करते है तो फिर प्रकृति अपना असली रंग दिखाती है. जैसे की आप लोग आज देख ही रहे होंगे की बरसात में जगह जगह क्या क्या हो रहा है.

आजकल अगर कोई मांगने वाला किसी के पास आता है तो वो उसे कुछ देते समय तस्वीर ले लेते है और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर देते है फिर आराम से लाइक ले लेते है लोगो से. जबकि कभी भी दान जो है वो ऐसे किसी के सामने नहीं करना चाहिए हमेशा दान को गुप्त तरीके से करना चाहिए ताकि किसी को कुछ पता न चले.

कहते है पैसा ही सभी कुछ होता है क्योंकि अगर आपके पास पैसा है तो लम्बी लाइन भी आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकती है और आराम से आपका काम जल्दी से हो जाता है वही अगर आपके पास पैसा नहीं है तो सभी कुछ उल्टा ही होता है.

पहले टीचर जो भी पढ़ाते थे वो सभी कुछ पढ़ने वालों के समझ में आता था जिससे की जो भी पढ़ लिख जाता था अच्छी जगह पर स्टैंड हो जाता था. पर आज ऐसा समय आ गया है की जो भी स्कूल मे पढ़ाया जाता है वो 100 में से सिर्फ और सिर्फ 5 बच्चों को समझ आता है और बाकियों के सर के ऊपर से निकल जाता है. क्योंकि टीचर सिर्फ पैसे के लिए पढ़ाने आते है.

पैसे वाले के सामने तो बड़े बड़े लोग झुक जाते है यहाँ तक की कानून को भी पैसे के लिए झुकना पड़ता है. जिसके पास भी पैसा होता है वो कुछ भी कर दे वो बाइज़्ज़त बरी हो कर ही बाहर निकलता है वही गरीव आदमी के केस का अदालत फेंसला ही नहीं करती है और बिना कुछ गलत काम किये भी वो जेल में घुट घुट कर मर जाता है.

आजकल हर किसी का दिल टूटता ही रहता है छोटी सी उम्र में ही हमें किसी न किसी के साथ प्यार हो जाता है और बाद में हमारा दिल टूट जाता है और टूटे हुए दिल को जोड़ने के लिए हमें फिर से किसी की सहायता लेनी पड़ती है.

आजकल हाथ पैर हिलाना कोई भी पसंद नहीं करता है, जिसे भी देख लो ऐसी ही सीडी ढूँढता है जिसमे वो हाथ पैर हिलाये बिना ही चढ़ जाए फिर चाहे वहा पर खड़े हो कर उसे कितनी ही देर तक वेट करना पड़े.

हम दिन भर मेहनत करते है पर हमारी मेहनत का पैसा हमारे तक नहीं पहुंच पाता है. अगर कोई मज़दूर काम कर रहा है तो जो पैसा उसे काम करने का मिलना चाहिए वो पैसा वो लोग खा जाते है जो की ठेकेदार होते है जिससे की एक मज़दूर को अपने हक्क का पैसा भी नहीं मिल पाता है.

जब भी कोई राज़ नेता कही पर आने वाला होता है तो कुछ समय पहले ही वहाँ पर डवलेपमेंट का काम शुरू हो जाता है पर वो काम भी ज्यादा समय तक नहीं चलता है जैसे ही नेता जी जाते है वो काम भी बंद हो जाता है और नेता जी फिर से जीत जाते है.

हम लोगो की एक आदत है हम किसी को भी अपने से आगे नहीं देख सकते है. अगर कोई हमसे आगे निकलने की कोशिश करता है तो उसे हम दबाने की पूरी कोशिश करते है जैसे की कोई आदमी नेता बन कर गांव की सेवा करना चाहता है पर उसे नेता बनने ही नहीं दिया जाता है उसे वही पर दवा दिया जाता है.

एक आम आदमी कितनी मेहनत कर के काम करता है पैसा कमाता है और सारा का सारा पैसा हम लोगो से बड़े बड़े लोग ले जाते है. हम पैसा ले कर पेट्रोल भरवाने जाते है तो वहा पर लगभग 50 प्रतिशत का टैक्स लगा दिया जाता है. और फिर उसके बाद आप तो जानते ही है की क्या हाल हो रहे है आजकल.

पहले लड़की और लड़के की शादी इनके संस्कारो को देखकर होती थी पर अब समय बदल गया है अब शादी होती है ये देख कर की लड़के के पास कितना पैसा है और वो कितना पैसा ख़र्चा कर सकता है. और लड़कियाँ भी हमेशा अमीर लड़का ढूंढ़ती रहती है और उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है की लड़के का दिल कैसा है. 

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