Thursday, 26 July 2018

देखे परीक्षा के समय स्टूडेंट्स की क्या हालत होती है, तस्वीरें देख आपकी भी हंसी नहीं रुकेगी

आजकल ऐसा समय है की हर किसी को परीक्षा देनी ही पड़ती है. और जो भी परीक्षा देता है वही जनता है की परीक्षा देना कितना बड़ा दर्द का काम होता है. तो आज हम आपके सामने कुछ ऐसी ही तस्वीरें ले कर आयें है जो की दिखाती है की आखिर परीक्षा देना कितने बड़े दर्द का काम होता है. चलिए दोस्तों तो शुरू करते है और आशा करता हुं की आपको ये तस्वीर काफी पसंद आएगी.

जब तक एग्जाम शुरू न हो जाए तक तक आज कल के बच्चे पढ़ाई करना शुरू नहीं करते है जब एग्जाम को एक ही दिन बच जाता है तो उसके बाद ही पढ़ाई करना शुरू कर देते है पर उससे जो होता है शायद आप लोगो को पता नहीं होगा, जब आखिरी दिन ही बचता है तो कुछ ऐसा ही रिएक्शन निकलता है जैसा रिएक्शन इस ऊपर वाली तस्वीर के अंदर दिया गया है.

जब भी एग्जाम होता है तो पूरा एग्जाम सोचने में ही निकल जाता है की आखिर क्या लिखे- क्या लिखे. पर जब एग्जाम में थोड़ा सा ही समय बच जाता है तो उस समय जो होता है वैसे तो आप सभी जानते ही होंगे पर फिर भी मैने सोचा की क्यों न आप लोगो को बता दूँ की आखिर कैसे लिखते है उस समय.

भाई अगर सच कहूं तो मेरा नाम भी ऐसा ही की जब भी एग्जाम में सीट मिलती है तो पहले नंबर पर ही मिलती है और सारे के सारे दोस्त मेरे पीछे आते है और जो मेरी हालत होती है वो तो में ही जनता हुं, इसलिए बोलते है की सबसे पहला रोल नंबर होना भी कभी कभी ठीक नहीं होता है.

जब भी रिजल्ट आने वाला होता है तो रिजल्ट की ही टेन्शन लगी रहती है, जब भी इंटरनेट खोल कर देखो तो डर लगा हुंआ रहता है की आखिर क्या होने वाला है और ये टेंशन उस समय और भी ज्यादा हो जाती है जब हम रिजल्ट देखने के लिए साइट खोलते है और रिजल्ट किसी और का आया होता है.

जब भी पूरी क्लास बैठ कर लिख रही होती है तो उसी समय अगर कोई उठ कर चला जाए तो भला ऐसा ही रिएक्शन होने वाला है क्लास का और भला क्लास बोल भी क्या बाली है. उस समय खुद को ऐसे लगता है जैसे की बाहुंबली और बाकी पूरी क्लास उसकी प्रजा.

जब भी एग्जाम देने जाते है तो कुछ ऐसे ही जाते है बन ठन के और जब भी बाहर आते है तो ऐसी हालत होती है की किसी को दिखा भी नहीं सकते है. और भला ऐसा हो भी क्यों न जो भी पढ़ा होता है उसमे से कुछ भी नहीं आया होता है. और जो पढ़ने से छूट गया होता है वही सब कुछ परीक्षा में पूछा गया होता है.

आजकल ऐसा ही हाल है हर किसी का, पहले पढ़ते रहो दिल लगा कर फिर उसके बाद फिर से नौकरी नहीं मिलती है उस समय जितना गुस्सा आता है उसका तो कोई हिसाब ही नहीं होता है. भला हो भी क्यों न जब हम लोग इतनी मेहनत कर के पढ़ाई करते है फिर भी किसी नेता का रिश्तेदार को नौकरी मिल जाए तो दुःख तो होता ही है.

जब भी कोई दोस्त फोन कर के ये बोले की रिजल्ट आ गया उस समय दिल ऐसे बैठ जाता है की पता नहीं क्या हो गया और क्या होने वाला, जिंदगी में ये तीन अक्षर जितना दिमाग खराब करते है सच कहूं तो उतना दिमाग तो कभी कोई आयी लव यू बोले दे तो भी नहीं होता है.

और जब पेपर लिखते है तो ऐसा भी होता है. हम दो नंबर वाले सवाल का ही उत्तर लिखते रह जाते है और जो ज्यादा मार्क्स का सवाल होता है वो छूट जाता है उस समय इतना ज्यादा गुस्सा आता है की आप लोगो को में बता नहीं सकता हुं. पर क्या करे दोस्तों ऐसा भी होता है जब एग्जाम देने जाते है तो बहुत कुछ हो जाता है.

जब भी हम सब दोस्त पेपर देने जाते है तो ऐसे जाते है पूरी अकड़ में पर जब बाहर आते थे तो ऐसा ही हाल हुंआ करता था भला सवाल ही ऐसे पूछे होते थे जिनका जवाब हमें पता ही नहीं होता था. तो ऐसा ही होगा न और क्या होने वाला है.  क्या करे दोस्तों जो भी था वो दिन मुझे आज बहुत याद आते है. 

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